सिंहस्थ 2028 की तैयारी तेज, उज्जैन में श्रद्धालुओं के लिए 6,146 बेड का विशाल चिकित्सा नेटवर्क बनेगा
सिंहस्थ की तैयारी के लिए अफसरों के सुझाव अहम
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा “बाबा महाकाल की नगरी और आपकी कर्मस्थली, हम सभी सौभाग्यशाली हैं. जन्म मृत्यु हमारे हाथ में नहीं है. कई जन्मों के बाद उज्जैन से जुड़ गए तो मानो कई जन्मों का पुण्य जुड़ गया. यहां मौजूद अलग-अलग पदों पर काम करने वालों का धन्यवाद. पीएम मोदी के नेतृत्व में हम हर चुनौती से लड़ रहे हैं. आज जो भी विकास के काम कर रहे हैं, ये लंबे समय तक रहें, ये शासन की मंशा है।
उज्जैन के सभी मार्गों का चौड़ीकरण
2016 सिंहस्थ में बाहर से आने के लिए मार्ग कम पड़ रहे थे. आज कोई मार्ग ऐसा नहीं जिसका चौड़ीकरण नहीं हुआ हो. देवताओं के नगर में कोई सिर्फ स्नान करने शिप्रा नदी थोड़ी आएगा. पूरे शहर के तीर्थ स्थलों के दर्शन करेगा. इसलिए सभी मंदिरों का जीर्णोद्धार करने का संकल्प है. वर्ष 2028 सिंहस्थ में सारा इंतजाम सरकारी व्यवस्थाओं का हमारे पास होगा।
यह भी जानिए
1 जनवरी 2027 से सिंहस्थ मेडिकल सेल की स्थापना और प्रशासनिक काम शुरू होंगे। जीवन रक्षक दवाओं, हाई-टेक उपकरणों और अस्पताल के फर्नीचर की खरीदी।
जनवरी – 2028 से मेला क्षेत्र में जोनल, सेक्टर अस्पतालों और अस्थायी डिस्पेंसरियों का निर्माण।
स्थायी सुविधाओं को बढ़ाने के लिए सिविल अस्पताल जीवाजीगंज को 20 बेड से 50 बेड के अस्पताल में अपग्रेड किया जा रहा है, जिस पर 17.10 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
भैरवगढ़ डिस्पेंसरी को भी 6 बेड है वाले शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। अधिकारियों का दावा है कि समय रहते सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी ताकि सिंहस्थ में आने वाले किसी भी श्रद्धालु को इलाज के लिए भटकना न पड़े।
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