सुपर सक्रियता और तत्परता से बचपन हुआ सुरक्षित

Aug 6, 2026 - 21:50
 0  1
सुपर सक्रियता और तत्परता से बचपन हुआ सुरक्षित

सुपर-सक्रियता-और-तत्परता-से-बचपन-हुआ-सुरक्षित

सुपर सक्रियता और तत्परता से बचपन हुआ सुरक्षित

 राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के त्वरित संज्ञान से मात्र 1 घंटे 30 मिनट में प्रभावी कार्रवाई। 

 चाइल्ड हेल्पलाइन एवं स्पेशल जुवेनाइल पुलिस यूनिट (SJPU) के संयुक्त रैपिड एक्शन से 16 बच्चों का सफल रेस्क्यू, एक नियोक्ता गिरफ्तार। 

रायपुर
छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा को 5 अगस्त 2026 की शाम लगभग 7:00 बजे एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन (AVA) से सूचना प्राप्त हुई कि रायपुर से कुछ बच्चों को एक बस के माध्यम से बाल श्रम के लिए ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही आयोग ने तत्काल संज्ञान लेते हुए स्पेशल जुवेनाइल पुलिस यूनिट (SJPU), दुर्ग एवं चाइल्ड हेल्पलाइन के साथ संयुक्त कार्रवाई प्रारंभ की लगभग डेढ़ घंटे के भीतर रात करीब 8:30 बजे संयुक्त टीम ने बस को रोककर सभी बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया। अभियान के दौरान बस में कुल 16 बच्चे पाए गए, जिनमें से 7 बच्चे नाबालिग हैं। जिनकी उम्र 14 से 16 वर्ष के है जो बैगा जनजाति के है कुछ बच्चे राजनांदगांव से हैं और कुछ कबीरधाम से हैं। सभी बच्चों को आवश्यक देखभाल, काउंसलिंग एवं संरक्षण के लिए बाल आश्रय गृह में सुरक्षित रखा गया है।

प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि बच्चों को कचन्दूर स्थित मॉडर्न एग्रो मशरूम में कार्य कराने के उद्देश्य से ले जाया जा रहा था। इस मामले में नियोक्ता लक्ष्मण पटेल को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 143(2), 143(3), 143(5) एवं 111(1) के तहत प्राथमिकी दर्ज की जा रही है।

छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि बच्चों के अधिकारों का संरक्षण आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बाल श्रम, बाल तस्करी अथवा बच्चों के शोषण से जुड़े किसी भी मामले में आयोग शून्य सहिष्णुता (Zero Tolerance) की नीति के तहत कार्य करता है। मामले में पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है तथा यदि अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही डॉ. वर्णिका शर्मा ने आमजन से अपील की है कि बाल श्रम, बाल तस्करी या बच्चों के अधिकारों के उल्लंघन से संबंधित किसी भी सूचना की तत्काल जानकारी संबंधित विभाग अथवा चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 को दें, ताकि समय पर कार्रवाई कर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0